Tuesday, July 25, 2017

मंथर गति से बहाव कर रही कोसी कभी भी हो सकती है उग्र


मंथर गति से बहाव कर रही कोसी कभी भी हो सकती है उग्र
26 जुलाई को 2 लाख 14 हजार 200 क्यूसेक जल निस्सरण का है रिकार्ड


संजय सोनी/सहरसा: अभी कोसी नदी की प्रलंयकारी धारा जलवृद्धि के अभाव में मंथर गति से बहाव कर रही है। इस बार बाढ के मौसम में व मानसून के दस्तक के बाद भी बराह क्षेत्र से लेकर कोसी बराज तक के जल निस्रण का वैसा कोई रिकार्ड नहीं है जो पूर्वी कोसी तटबंध के जरीये कोहराम मचा सकती है। लेकिन पिछले साल 26 जुलाई 2016 को कोसी नदी के जल निस्सरण के आंकड़ों पर गौर करें तो अभियंताओं को पूर्वी कोसी तटबंध के सभी नाजुक बिन्दुओं पर आज और अभी से ही मुष्तैद रहने की जरूरत है। वैसे भी इस साल पूर्वी कोसी तटबंध के किमी 78.60 का स्पर तटबंध पर खतरा उत्पन्न करने के साथ-साथ अभियंताओं के लिए लूट का खजाना ही साबित हो रही है।
कोसी नदी के बराह क्षेत्र में 24 जुलाई को सुबह 6 बजे 89 हजार 500 क्यूसेक जल निस्सरण के साथ दोपहर 2 बजे घटकर 86 हजार 900 पर पहूंच गयी। जबकि कोसी बराज में सुबह 6 बजे एक लाख 41 हजार 950 क्यूसेक जल निस्सरण के साथ दोपहर 2 बजे घटकर एक लाख 33 हजार 915 क्यूसेक जल निस्सरण पर पहूंच गयी। जबकि 25 जुलाई को बराह क्षेत्र में एक लाख 1750 क्यूसेक एवं कोसी बराज से एक लाख 38 हजार 765 क्यूसेक जल निस्सरण की खबर है। पूर्व के जल निस्सरण एवं 2425 जुलाई के मौसम का मिजाज यह साबित कर रहा है कि नेपाल प्रभाग के धनकुट्टा, धरान बाजार, ओखलढुंगा व टपलेजुंग में बारिष होने की खबर है और इन क्षेत्रों में बारिया होने से ही कोसी नदी में जल वृद्धि होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। जबकि साल 2016 में 26 जुलाई को 2 लाख 14 हजार 200 क्यूसेक जल निस्सरण का रिकार्ड है। यह रिकार्ड भले ही बाढ के लिए कोई अधिकतम जल निस्सरण नहीं है। लेकिन पूर्वी कोसी तटबंध के स्परों पर दवाब बनाने के लिए भी कम नहीं है। हालांकि बिहार के कोसी बेसिन में बारिष की स्थिति अभी खतरा पैदा करने लायक नहीं है।
 लेकिन अगर मौसम का मिजाज बदला तो कुछ भी कहना मुश्किल होगा। वैसे भी विशेषज्ञ बताते हैं की अभी नेपाल के तराई क्षेत्रों में ही हल्की बारिश हो रही है।अगर हिमालय के मध्य क्षेत्रों में बारिश हुई तो बाढ़ का खतरा उत्पन्न होना ही। अब तक कोसी नदी में आयी बाढ से जिले के नवहट्टा प्रखंड के केदली पंचायत के रामपुर व शाहपुर पंचायत के शाहपुर गांव के 66 परिवारों का घर उजड़ गया। जानकारी के मुताविक इन सभी कटाव पीड़ितों को सरकारी सहायता भी मिल चुकी है